Disclaimer

The content has been translated from the English version using indigenously developed Artificial Intelligence capabilities (Bhashini, developed by MeitY). In the event of any ambiguity or doubt, users are advised to refer to the original English content for clarification.

All information, materials, advice, suggestions, illustrations, notifications, circulars, and other items on this website are collectively referred to as the "Content."

Indian Bank assumes no responsibility for any errors, omissions, inaccuracies, or typographical mistakes that may appear in the Content. Indian Bank does not provide any warranty or representation regarding the Content and expressly disclaims all liabilities.

Any action taken by users on the basis of such Content shall be entirely at their own risk and responsibility.

Indian Bank reserves the right to modify, correct or update any part of the Content at any time.

No portion of the Content may be displayed or printed without prior written approval of Indian Bank.

As the translated Content has been generated using AI, we encourage suggestions for improvement.

Suggestions may be submitted at:
https://bhashini.gov.in/bhashadaan/en/home

 
Toll-free customer support numberराष्ट्रीय टोल फ्री नंबर1800 1700
Financial Result Icon

कृषि क्लीनिक और कृषि व्यापार केंद्र ( एसीएबीसी)

कृषि क्लीनिक और कृषि व्यापार केंद्र ( एसीएबीसी)


एग्री क्लिनिक और एग्री बिजनेस सेंटर (एसीएबीसी)

विवरण दिशानिर्देश
योजना के विषय में एग्री-क्लिनिक: एग्री-क्लीनिक की परिकल्पना किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य, फसल पद्धतियों, पादप संरक्षण, फसल बीमा, कटाई के बाद की तकनीक और पशुओं के लिए नैदानिक सेवाओं, चारा और दाना प्रबंधन, बाजार में विभिन्न फसलों की कीमतों आदि सहित विभिन्न तकनीकों पर विशेषज्ञ सलाह और सेवाएं प्रदान करने के लिए की गई है, जिससे फसलों/पशुओं की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

एग्री-बिजनेस सेंटर: एग्री-बिजनेस सेंटर प्रशिक्षित कृषि पेशेवरों द्वारा स्थापित कृषि-उद्यमों की वाणिज्यिक इकाइयां हैं। इन उद्यमों में कृषि उपकरणों का रखरखाव और उन्हें किराए पर देना, खाद-बीज आदि की बिक्री और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में अन्य सेवाएं शामिल हो सकती हैं, जिनमें आय सृजन और उद्यमिता विकास के लिए कटाई के बाद का प्रबंधन और बाजार लिंकेज भी शामिल हैं।

प्रयोजन §  कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने और वांछित शैक्षिक योग्यता रखने वाले बेरोजगार उम्मीदवारों के लिए लाभकारी स्वरोजगार के अवसर पैदा करना।

§  कृषि उद्यमियों के व्यावसायिक मॉडल, स्थानीय आवश्यकताओं और लक्षित किसान समूहों की वहन क्षमता के अनुसार, किसानों को भुगतान के आधार पर या निःशुल्क विस्तार और अन्य सेवाएँ अनिवार्य रूप से प्रदान करके सार्वजनिक विस्तार के प्रयासों को पूरक बनाना और इस प्रकार कृषि विकास में सहायता प्रदान करना।

सुविधा का प्रकार मीयादी ऋण
पात्रता §  21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग के उम्मीदवार। प्रशिक्षण के बाद ऋण सुविधा प्राप्त करने की अधिकतम आयु सीमा 62 वर्ष है।

§  सेवारत व्यक्ति और पेंशन लाभ प्राप्त करने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी सब्सिडी लाभ हेतु पात्र नहीं हैं।

§  कृषि और संबद्ध विषयों (जैसे बागवानी, रेशम उत्पादन, डेयरी आदि) में स्नातक।

§  कृषि और संबद्ध विषयों में कम से कम 50% अंकों के साथ डिप्लोमा (+2 के बाद 3 वर्ष) या स्नातकोत्तर डिप्लोमा धारक।

§  प्रशिक्षण और उद्यम स्थापना के प्रति महत्वपूर्ण उम्मीदवारों के चयन हेतु, शैक्षणिक योग्यता पूरी होने के बाद कम से कम एक वर्ष के अंतराल वाले उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा।

प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन §  राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), पात्र उम्मीदवारों को नोडल प्रशिक्षण संस्थानों (एनटीआई) के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें एग्री-क्लीनिक और एग्री-बिजनेस सेंटर स्थापित करने के लिए प्रेरित करने हेतु उत्तरदायी होगा।

§  45 दिनों के प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद मैनेज द्वारा प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।

§  प्रशिक्षित उम्मीदवार क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एंडेड सब्सिडी के रूप में वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

§  प्रशिक्षित कृषि उद्यमी ऋण आवेदन के साथ अपनी डीपीआर जन समर्थ पोर्टल (https://www.jansamarth.in/home) और/या (https://agriinfra.dac.gov.in/Home) के माध्यम से प्रेषित करेंगे।

वित्त की प्रमात्रा सब्सिडी के लिए परियोजना लागत की अधिकतम सीमा व्यक्तिगत परियोजना के लिए रु. 20 लाख (अत्यधिक सफल व्यक्तिगत परियोजनाओं के मामले में रु. 25 लाख) और समूह परियोजना (योजना के तहत कम से कम 5 प्रशिक्षित व्यक्तियों के समूह द्वारा स्थापित) के लिए रु. 100 लाख तक है।

हालाँकि, सब्सिडी के अध्यधीन वित्तीय व्यवहार्यता और तकनीकी साध्यता के आधार पर यह सीमा अधिक हो सकती है, जिसकी गणना केवल योजना की पात्रता के अनुसार ही की जाएगी।

प्रतिभूति §  रु. 10.00 लाख तक की सीमा: बैंक ऋण से सृजित आस्तियों का दृष्टिबंधक।

§  रु. 10.00 लाख से अधिक की सीमा: बैंक ऋण से सृजित परिसंत्तियों, तृतीय पक्ष गारंटी, और आस्तियों का बंधक जो ऋण राशि का कम से कम 100% कवर करती हों।

मार्जिन §  ₹5.00 लाख तक – कोई मार्जिन नहीं।

§  ₹5.00 लाख से अधिक – परियोजना परिव्यय का 15%।

सब्सिडी §  राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नबार्ड), ऋण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण करने वाले बैंकों के माध्यम से सब्सिडी घटक के कार्यान्वयन हेतु नोडल एजेंसी है।

§  महिलाओं, अ.जा./अ.ज.जा/पीडब्ल्यूपी और पूर्वोत्तर एवं पहाड़ी राज्यों के सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए परियोजना लागत या कुल वित्तीय परिव्यय (टीएफओ) का 44%, तथा अन्य सभी के लिए कुल परियोजना लागत या टीएफओ का 36% सब्सिडी देय है।

§  योजना के तहत स्वीकार्य सब्सिडी को “सब्सिडी रिजर्व फंड अकाउंट” में रखा जाएगा और यह सब्सिडी न्यूनतम 3 साल की  लॉक-इन अवधि सहित बैक-एंडेड होगी।

चुकौती §  चुकौती अवधि, गतिविधि की प्रकृति पर निर्भर करेगी और अधिकतम 2 वर्ष की अधिस्थगन (व्यक्तिगत परियोजना की आवश्यकताओं के अनुसार) अवधि सहित 5 से 10 वर्ष के बीच होगी ।
प्रसंस्करण एवं अन्य प्रभार यथासमय जारी कृषि अग्रिमों से संबंधित सेवा प्रभार के परिपत्र के अनुसार।
ब्याज दर कृपया हमारे बैंक की वेबसाइट www.indianbank.bank.in के होम पेज पर दिए गए उधार दरलिंक को देखें।

( अंतिम संशोधन Apr 16, 2026 at 10:04:49 AM )

ADYA
ADYA