“इंड-सीजीएसई” योजना की विशेषताएं
“इंड-सीजीएसई” योजना की विशेषताएं
| पैरामीटर | मानदंड |
| उत्पाद का नाम | इंड – सीजीएसई (निर्यातकों हेतु क्रेडिट गारंटी योजना) |
| पात्र उधारकर्ता | (i) प्रत्यक्ष निर्यातक
ए) एमएसएमई इकाइयाँ जिनकी वार्षिक बिक्री का कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी निर्यात से आता हो। बी) अन्य इकाइयाँ (गैर-एमएसएमई), जिनकी वार्षिक बिक्री का कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी निर्यात से आता हो। (ii) अप्रत्यक्ष निर्यातक ए) एमएसएमई इकाइयाँ, जो अपनी वार्षिक बिक्री का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा ऊपर उल्लिखित प्रत्यक्ष निर्यातकों को आपूर्ति करती है। (i) और (ii) के लिए पात्रता: अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित क्षेत्रों की सूची अनुलग्नक-II के रूप में संलग्न है। |
| पात्रता मानदंड | · प्रत्यक्ष निर्यातकों हेतु – इस ऋण की संस्वीकृति/संवितरण के समय बैंक के साथ सक्रिय निर्यात कार्यशील पूंजी सीमा होनी अनिवार्य है।
· अप्रत्यक्ष निर्यातकों हेतु – इस ऋण की संस्वीकृति/संवितरण के समय बैंक के साथ सक्रिय घरेलू कार्यशील पूंजी सीमा होनी अनिवार्य है। · उधारकर्ता को यथास्थिति 30.09.2025 तक किसी भी ऋणदाता द्वारा एसएमए-2 या उससे ऊपर वर्गीकृत नहीं किया गया हो (अर्थात, बकाया 60 दिनों से अधिक नहीं होनी चाहिए) और ऋण की संस्वीकृति/संवितरण के समय वह एनपीए नहीं होना चाहिए। · संस्वीकृति प्राधिकारी द्वारा अनिवार्य रुप से क्रेडिट ब्यूरो चेक के माध्यम से उधारकर्ता के कुल बकाया और डीपीडी का सत्यापन किया जाना चाहिए। · एमएसएमई के पास एक मान्य उद्यम पंजीकरण संख्या होना अनिवार्य है। |
| उद्देश्य | एमएसएमई सहित पात्र निर्यातकों (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) को दिए गए ऋण हेतु गारंटी कवरेज प्रदान करना। |
| मान्यता | यह योजना पात्र उधारकर्ताओं को 31.03.2026 तक संस्वीकृत किए गए ऋणों हेतु, अथवा रु. 20,000 करोड़ तक के ऋणों के लिए गारंटी जारी होने तक, जो भी पहले हो, उपलब्ध रहेगी। |
| सुविधा की प्रकृति | · मीयादी ऋण।
· एक अलग ऋण खाता खोला जाना चाहिए। |
| ऋण राशि | · प्रत्यक्ष निर्यातक: संस्वीकृत निर्यात कार्यशील पूँजी सीमा का 20 प्रतिशत तक (निधि आधारित और गैर-निधि आधारित)।
· अप्रत्यक्ष निर्यातक: संस्वीकृत कार्यशील पूँजी सीमा का 20 प्रतिशत तक (निधि आधारित और गैर-निधि आधारित)। · अधिकतम ऋण राशि: सभी ऋणदाताओं को मिलाकर प्रति उधारकर्ता अधिकतम ₹50 करोड़ (केवल भारतीय रुपये में)। · कार्यशील पूँजी सीमा: प्रस्तावित सुविधा की गणना के लिए 30 सितंबर, 2025 तक मौजूद कार्यशील पूँजी सीमाओं (अर्थात प्रत्यक्ष निर्यातकों के लिए निर्यात कार्यशील पूँजी सीमा; अप्रत्यक्ष निर्यातकों के लिए घरेलू कार्यशील पूँजी सीमा) पर विचार किया जाएगा। · अप्रत्यक्ष निर्यातकों के लिए, यदि बकाया निधि-आधारित शेषराशि संस्वीकृत राशि से कम है, तो सीजीएसई सुविधा का विस्तार से पूर्व उपलब्ध कार्यशील पूँजी सीमा का उपयोग किया जाएगा। |
| मार्जिन | शून्य |
| ब्याज दर | · भारतीय रिजर्व बैंक के मौजूदा दिशानिर्देशों के अध्यधीन अधिकतम ब्याज दर 10% वार्षिक तक सीमित है। |
| ऋण अवधि और
अधिस्थगन अवधि |
· 4 वर्ष नियत (डोर-टू-डोर), जिसमें 1 वर्ष की अधिस्थगन अवधि शामिल है।
· अधिस्थगन अवधि के बाद ऋण का भुगतान समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। |
| प्रसंस्करण प्रभार | कोई प्रसंस्करण शुल्क नहीं |
| गारंटीकर्ता | कोई भी नई व्यक्तिगत/कॉर्पोरेट गारंटी नहीं ली जाएगी और न ही मौजूदा व्यक्तिगत/कॉर्पोरेट गारंटी का विस्तार किया जाएगा। |
| ऋण गारंटी कवरेज | एनसीजीटीसी द्वारा 100% गारंटी कवर। |
| गारंटी शुल्क | शून्य |


