IND- KRISHI INFRA FUND (AGRICULTURE INFRA FUND)
IND- KRISHI INFRA FUND (AGRICULTURE INFRA FUND)
इंड कृषि इंफ्रा फंड (ऐग्रिकल्चर इंफ्रा फंड)
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लक्षित समूह:
व्यक्तिगत कृषक/ कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ)/ प्राथमिक कृषि साख समितियां (पीएसीएस)/ कृषि-उद्यमी/ कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप/ स्वयं सहायता समूह (एसएचजी)/ संयुक्त देयता समूह (जेएलजी)/ विपणन एवं बहुउद्देशीय सहकारी समितियां/ सहकारिता के राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय संघ/ केंद्र, राज्य अथवा स्थानीय निकायों द्वारा प्रायोजित पीपीपी परियोजनाएं/ सामुदायिक स्तरीय संघ
उद्देश्य:
यह योजना मूल्य श्रृंखला के प्रमुख घटकों की स्थापना और आधुनिकीकरण को सुगम बनाएगी, जिसमें निम्नलिखित सम्मिलित हैं—
ए. कटाई-उपरांत प्रबंधन परियोजनाएं
§ ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म सहित आपूर्ति श्रृंखला सेवाएं
§ माल-गोदाम एवं साइलो
§ कोल्ड स्टोरेज एवं कोल्ड चेन
§ पैकेजिंग इकाइयां
§गुणवत्ता परीक्षण इकाइयां
§ छंटाई एवं ग्रेडिंग इकाइयां
§ लॉजिस्टिक सुविधाएं - रीफर वैन एवं इंसुलेटेड वाहन
§ पकाने के चैंबर
§ कृषि अवशेष/अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना
§ प्राथमिक प्रसंस्करण गतिविधियां
§ एकीकृत प्राथमिक एवं द्वितीयक प्रसंस्करण गतिविधियां
बी. व्यवहार्य कृषि परिसंपत्तियां
§ जैविक इनपुट उत्पादन – कृमि खाद आदि
§संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र
§जैव उत्तेजक उत्पादन इकाइयां
§स्मार्ट और सटीक कृषि के लिए बुनियादी ढांचा - ड्रोन की खरीद, बूम स्प्रेयर, खेत में विशेष सेंसर लगाना, कृषि में ब्लॉकचेन और एआई आदि, रिमोट सेंसिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) जैसे कि स्वचालित मौसम स्टेशन, जीआईएस (जीआईएस) अनुप्रयोगों के माध्यम से कृषि सलाहकार सेवाएं।
§पौधशाला
§ऊतक संवर्धन
§बीज प्रसंस्करण
§कस्टम हायरिंग केंद्र – कृषि मशीनरी/उपकरण (संख्या में न्यूनतम 4)
§कृषि/कटाई स्वचालन (संयुक्त हार्वेस्टर, गन्ना हार्वेस्टर आदि)
§विकेंद्रीकृत ग्राउंड/स्टिल्ट माउंटेड ग्रिड कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना (पीएम-कुसुम घटक ए)
§एकल सौर पंपिंग प्रणाली (पीएम-कुसुम घटक बी)
§पीएम-कुसुम घटक सी के अंतर्गत ग्रिड से जुड़े कृषि-पंपों का सौरीकरण
§एकीकृत स्पिरुलिना उत्पादन एवं प्रसंस्करण इकाइयां
§रेशम उत्पादन प्रसंस्करण इकाई
§शहद प्रसंस्करण
§निर्यात क्लस्टर सहित फसलों के क्लस्टरों के लिए आपूर्ति श्रृंखला अवसंरचना प्रदान करने हेतु चिह्नित परियोजनाएं।
§व्यवहार्य कृषि आस्त्तियों के निर्माण या कटाई-उपरांत प्रबंधन परियोजनाओं के लिए पीपीपी के अंतर्गत §केंद्र/राज्य/स्थानीय सरकारों या उनकी एजेंसियों द्वारा प्रवर्तित परियोजनाएं।
§मृदारहित कृषि
§मशरूम की खेती
§ऊर्ध्वाधर खेती
§हवाई खेती
§पॉली हाउस/ग्रीनहाउस
§लॉजिस्टिक सुविधाएं (गैर-प्रशीतित/गैर-इंसुलेटेड वाहनों सहित)
§ट्रैक्टर
सुविधा का प्रकार: मीयादी ऋण
वित्त की राशि:
परियोजना लागत के आधार पर, एआईएफ के तहत लागू लाभों के साथ ₹2.00 करोड़ तक की ऋण राशि स्वीकृत की जा सकती है। एआईएफ के अंतर्गत ₹2.00 करोड़ से अधिक की संस्वीकृतियां भी की जा सकती हैं; हालांकि लाभ केवल ₹2.00 करोड़ तक ही सीमित रहेंगे ।
मार्जिन मानदंड:
- मीयादी ऋण: 25% (न्यूनतम)।
(इस वित्तपोषण सुविधा के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं के लिए केंद्र/राज्य सरकार की किसी भी वर्तमान या भविष्य की योजना के तहत उपलब्ध किसी भी अनुदान या सब्सिडी का लाभ उठाया जा सकता है, जैसे - एमआईडीएच, पीएमएफएमई, एसएमएएम, गोवर्धन, पीएमकेएसवाई, पीएसीएस एज़ एमएससी, आरकेवीवाई, पीएम-कुसुम (ए, बी और सी), पीएमईजीपी आदि। पूंजीगत सब्सिडी के मामलों में ऐसी राशि को प्रवर्तक का योगदान माना जाएगा। तथापि, परियोजना लागत का न्यूनतम 10% प्रवर्तक के योगदान के रूप में अनिवार्य होगा।)
चुकौती अवधि:
- अधिकतम 7 वर्ष (जिसमें अधिकतम 2 वर्ष की हॉलिडे अवधि सम्मिलित है) ।
प्रसंस्करण शुल्क:
- समय-समय पर कृषि ऋणों से संबंधित सेवा शुल्कों पर जारी परिपत्र के अनुसार।
ब्याज दर:
- कृपया हमारे बैंक की वेबसाइट www.indianbank.bank.in के मुख्य पृष्ठ पर उपलब्ध ऋण दरों के लिंक का संदर्भ लें ।
ऋण गारंटी:
- इस वित्तपोषण सुविधा के तहत सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) योजना के तहत पात्र उधारकर्ताओं को ₹2.00 करोड़ तक के ऋण के लिए ऋण गारंटी सुरक्षा उपलब्ध होगी। इस सुरक्षा हेतु लगने वाले शुल्क की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी। एफपीओ के मामले में, कृषि और किसान कल्याण विभाग (डीएएंडएफडब्ल्यू) की एफपीओ संवर्धन योजना के अंतर्गत सृजित सुविधा तथा एनएबीसंरक्षण ट्रस्टी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड से ऋण गारंटी का लाभ उठाया जा सकता है। तथापि, एफपीओ भी एआईएफ के अंतर्गत ऋण गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए पात्र हैं।
प्रतिभूति मानदंड:
- बैंक वित्त से सृजित आस्तियों का दृष्टिबंधक।
- भूमि एवं भवन का बंधक ।
- एफडी, एनएससी, एलआईसी पॉलिसियों के रूप में संपार्श्विक प्रतिभूति ।
- अचल संपत्तियों का साम्यिक बंधक ।
- गारंटी: भागीदारों/निदेशकों की व्यक्तिगत गारंटी।
- दिशानिर्देशों के अनुसार ₹2.00 करोड़ तक सीजीटीएमएसई के अंतर्गत ऋण गारंटी सुरक्षा भी स्वीकार्य है।
सब्सिडी / ब्याज सहायता:
इस वित्तपोषण सुविधा के अंतर्गत स्वीकृत सभी ऋणों पर ₹2 करोड़ की सीमा तक प्रति वर्ष 3% की दर से ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी। यह ब्याज सहायता अधिकतम 7 वर्षों की अवधि के लिए उपलब्ध होगी। ₹2 करोड़ से अधिक के ऋण के मामलों में भी ब्याज सहायता मात्र ₹2 करोड़ तक की ऋण सीमा तक ही सीमित रहेगी।
मुख्य पृष्ठ पर उपलब्ध एमसीएलआर दरें
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