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ब्रेडक्रम्ब

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IND Niryat e-Comm

इंड निर्यात ई-कॉम

पैरामीटर

उत्पाद की विशेषताएँ

उद्देश्य

  • यह योजना , निर्यात संवर्धन मिशन की 'निर्यात प्रोत्साहन उप-योजना' के तहत 'ई-कॉमर्स निर्यातकों हेतु ऋण सहायता' पहल के अनुरूप शुरू की गई है।
  • इस योजना का उद्देश्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़े एमएसएमई उद्यमियों को समय पर एवं पर्याप्त कार्यशील पूंजी सहायता प्रदान करना है , ताकि वे निर्यात मांग को देखते हुए सामान की खरीद और रखरखाव कर सकें एवं वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकें।
  • इसके अतिरिक्त , यह योजना ई-कॉमर्स निर्यातकों के नकदी प्रवाह के अनुरूप लचीली चुकौती शर्तों की सुविधा के साथ ऋण सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करती है। इससे व्यवसाय विस्तार को समर्थन मिलने, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होने तथा ई-कॉमर्स चैनलों के माध्यम से निर्यात में वृद्धि होने की उम्मीद है।

पात्र उधारकर्ता

  1. ऐसे एमएसएमई उद्यमी जो डाक या कूरियर के माध्यम से प्रत्यक्ष ई-कॉमर्स निर्यात में लगे हुए हैं , बशर्ते उनके पास:
  • एक वैध आयात-निर्यात कोड (आईईसी ) हो, जो अस्वीकृत संस्था सूची(डीईएल) में शामिल न हो; एवं
  • एक वैध एमएसएमई उद्यम पंजीकरण संख्या हो।
  • डीजीएफटी पोर्टल पर प्रयोजन संबंधी ऑनलाइन घोषणा जमा करके एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईएन ) प्राप्त की गई हो।
  1. ई-कॉमर्स के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मूल्य श्रृंखलाओं में शामिल होने वाली नए  एमएसएमई उद्यमी भी इसके लिए पात्र होंगे , बशर्ते उनके पास कम से कम एक वर्ष का नियमित घरेलू ई-कॉमर्स व्यावसायिक परिचालन का अनुभव हो।
  2. एमएसएमई डाक या कूरियर चैनलों के माध्यम से सीधे ई-कॉमर्स निर्यात में शामिल होंगे।
  3. आवेदक द्वारा प्राप्त की गई ऋण सुविधा, यदि कोई हो तो, आवेदन की तिथि पर अनर्जक आस्ति के रूप में वर्गीकृत नहीं होनी चाहिए।
  4. इसके अलावा , उधारकर्ता का कोई भी खाता ऋण सुविधा के आवेदन की तिथि से ठीक दो वर्ष पहले की अवधि के दौरान किसी भी समय, किसी भी ऋण देने वाले संस्थान में विशेष उल्लेख खाता-2 (एसएमए-2) या अनर्जक आस्ति (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत नहीं होना चाहिए।
  5.  उधारकर्ता संस्था और/या उसके निदेशक/साझेदार/प्रोपराइटर/प्रमोटर का नाम ऋण देने वाले संस्थान की चूककर्ता सूची या किसी भी नकारात्मक सूची में नहीं होना चाहिए।

सुविधा की प्रकृति

कैश क्रेडिट या ओवरड्राफ्ट के रूप में निधि-आधारित कार्यशील पूंजी सुविधा

ऋण राशि

अधिकतम: 50.00 लाख रुपये प्रति उधारकर्ता ।

मार्जिन

स्टॉक पर 25%  एवं  90 दिनों तक के बही ऋण पर 30% (90 दिनों से अधिक और 180 दिनों तक के बही ऋण पर संबंधित संस्वीकृति प्रदानकर्ता प्राधिकारी द्वारा मामले-दर-मामले के आधार पर विचार किया जा सकता है)।

सीमा का आकलन

पात्र ऋण सीमा निम्नलिखित में से जो भी कम हो , वह होगी:

  • बैंक की एमएसएमई /ऋण नीति के अनुसार आकलित कार्यशील पूंजी सीमा; या
  • पिछले दो वर्षों के दौरान औसत ई-कॉमर्स निर्यात बिक्री का 20%

प्रतिभूति

  • ऋण राशि से निर्मित संपत्तियों को दृष्टिबंधक रखना , यानी स्टॉक एवं प्राप्य राशियों पर प्रभार।
  • इस उत्पाद के तहत संस्वीकृत ऋण सुविधाओं को निर्यात प्रोत्साहन मिशन के निर्यात प्रोत्साहन घटक के अंतर्गत ई-कॉमर्स निर्यातकों हेतु ऋण सहायता पहल के तहत एनसीजीटीसी द्वारा दी जाने वाली क्रेडिट गारंटी योजना के अंतर्गत अनिवार्य रूप से कवर किया जाएगा। योजना के तहत उपलब्ध गारंटी कवरेज संस्वीकृत सीमा के 90% तक है।

ऋण अवधि

यह सुविधा 12 महीनों की अवधि के लिए वैध होगी और खाते के संतोषजनक परिचालन तथा बैंक के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुपालन के अधीन इसके बाद इसका नवीनीकरण  किया जा सकता है।

वार्षिक गारंटी शुल्क और गारंटी का नवीनीकरण

  • पहले वर्ष के लिए गारंटीकृत राशि एवं उसके बाद प्रत्येक नवीनीकरण पर 0.50% वार्षिक की दर से वार्षिक गारंटी शुल्क लिया जाएगा। गारंटी शुल्क का वहन उधारकर्ता द्वारा किया जाएगा।
  • गारंटी सहायता जारी रखने के लिए, नवीनीकरण के समय एक्जिम बैंक यह जांच करेगा कि लाभार्थियों द्वारा पिछले वर्ष के दौरान पूरे किए जाने वाले आवश्यक निर्यात दायित्वों को पूरा किया या नहीं।
  • जो निर्यातक प्रत्यक्ष ई-कॉमर्स ऋण सुविधा का लाभ उठा रहे हैं तथा कूरियर/डाक मार्ग से निर्यात करते हैं , उनके लिए निर्यात दायित्व पिछले दो वर्षों में डाक एवं कूरियर मार्ग से प्राप्त एक्सपोर्ट टर्नओवर के औसत का कम से कम 50% होगी। किसी भी स्थिति में, निर्यात की बाध्यता ली गई ऋण सुविधा की राशि से कम नहीं होगी।

ब्याज दर

समय-समय पर संशोधित सामान्य एमएसएमई उत्पाद के लिए लागू दर के अनुसार ब्याज लिया जाएगा।

एक्सपोज़र

रेपो

कुल स्प्रेड

प्रभावी ब्याज दर

2.00 लाख रुपये तक

5.25 %

4.30 %

9.55 %

2.00 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक

5.25 %

4.95 %

10.20 %

10.00 लाख रुपये से अधिक और 50 लाख रुपये तक

5.25 %

5.35 %

10.60 %

ब्याज अनुदान

  • इस योजना के तहत संस्वीकृत ऋण सुविधाओं हेतु ब्याज अनुदान मिलेगी। यह सहायता भारत सरकार या लागू करने वाली एजेंसी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित दरों और परिचालनगत दिशानिर्देशों के अनुसार दी जाएगी।
  • वर्तमान अधिसूचना के अनुसार , बैंक इस योजना के तहत संस्वीकृत ऋण सुविधाओं पर 2.75% प्रति वर्ष की अग्रिम ब्याज अनुदान प्रदान करेगा, जो इस योजना की अन्य शर्तों के अधीन है।
  • योजना के तहत स्वीकार्य अधिकतम ब्याज अनुदान एक वित्त वर्ष में प्रति एमएसएमई लाभार्थी के लिए 15 लाख रुपये तक सीमित होगी, या ऐसी सीमा होगी जो भारत सरकार/कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जा सकती है।
  • ब्याज अनुदान पात्रता मानदंडों , परिचालनगत दिशानिर्देशों और ई-कॉमर्स निर्यातकों हेतु ऋण सहायता योजना के तहत समय-समय पर जारी किसी भी संशोधन के निरंतर अनुपालन के अधीन होगा।

प्रसंस्करण और अन्य शुल्क

बैंक द्वारा समय-समय पर जारी सेवा शुल्क परिपत्र के अनुसार सभी शुल्क लागू होंगे।

खातों का टेकओवर

अनुमति नहीं है

अन्य निबंधन एवं शर्तें

  • ऋण नीति और लागू बेंचमार्क नियमों के अनुसार अन्य सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। बेंचमार्क मानदंडों में किसी भी विचलन को प्रत्यायोजित शक्तियों के अनुसार निपटाया जाएगा।
  • सभी प्रतिभूतियों  का बैंक नियमों के अनुरूप पर्याप्त रूप से बीमा कराया जाएगा – जिसका प्रीमियम उधारकर्ता द्वारा वहन किया जाएगा।
  • स्टॉक एवं बही ऋण का विवरण तिमाही आधार पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए और तदनुसार आहरण शक्ति की गणना की जाएगी।
  • शाखा संभावित उधारकर्ता की बाजार में प्रतिष्ठा एवं पिछले ऋण व्यवहार की जांच सहित समुचित सावधानी बरती जाएगी।
  • समय-समय पर अधिसूचित/सूचित किए गए संशोधित ब्याज अनुदान दरें एवं गारंटी कवरेज केवल उन्हीं ऋण सुविधाओं पर लागू होंगे , जिन्हें ऐसी अधिसूचना/सूचना की तिथि या उसके बाद संस्वीकृत एवं संवितरित किया गया हो।
  • यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी लाभार्थी की होगी कि ली गई कुल प्राप्त सहायता एवं ऋण सुविधा निर्धारित वार्षिक सीमा के भीतर रहे। स्वीकार्य सीमा से अधिक के किसी भी दावे की वसूली की जाएगी तथा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
  • ऐसे लाभार्थी जिसकी वित्तीय वर्ष के दौरान निवेश या टर्नओवर में बढ़ोतरी के कारण मौजूदा एमएसएमई श्रेणी बदल जाती है , वे एमएसएमई मंत्रालय की दिनांक 18.10.2022 की अधिसूचना एस.ओ. 4926(ई) के अनुसार और अन्य सभी निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर, ऐसी पुन:वर्गीकरण की तिथि से तीन वर्ष की अवधि तक सहायता पाने हेतु पात्र बने रहेंगे।
  • उधारकर्ता के बारे में समुचित सावधानी बरती जाए एवं इस संबंध में केवाईसी मानदंडों सहित सभी दिशानिर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन किया जाए।
  • विदेश व्यापार नीति  के अध्याय 7 के तहत परिभाषित डीम्ड एक्सपोर्ट या विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईज़ेड) में किए जाने वाले निर्यात हेतु यह सहायता नहीं दी जाएगी।
  • भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम बैंक) , राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) के साथ मिलकर, वाणिज्य विभाग की ओर से कार्यान्वयन एजेंसी होगा।
  • संस्थाएं उधारकर्ता खाते के एनपीए होने के 90 दिनों के बाद लेकिन 360 दिनों के भीतर गारंटी के दावे का अनुरोध करने हेतु पात्र होंगी , जो देय राशि (मूलधन और ब्याज सहित, लेकिन दंडात्मक ब्याज/शुल्कों को छोड़कर) पर प्रयोज्य प्रतिशत होगा।
  • पात्र संस्थाओं के दायित्वों से संबंधित किसी भी संशोधन , परिचालनगत निर्देशों या स्पष्टीकरणों को समय-समय पर अधिसूचना/परिपत्र/एफएक्यू के माध्यम से उचित रूप से सूचित किया जाएगा।
  • अधिसूचित अनुदान दर एवं गारंटी कवरेज की द्विवार्षिक आधार पर समीक्षा की जाएगी तथा जहां आवश्यक हो , प्रत्येक वित्तीय वर्ष के मार्च और सितंबर के अंतिम सप्ताह में संशोधित किया जाएगा, जो 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा।
  • किसी खास वित्तीय वर्ष में , किसी एमएसएमई (जो ई-कॉमर्स के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मूल्य श्रृंखलाओं में शामिल हो) को मिलने वाली कुल अनुदान राशि  एवं उपलब्ध ऋण सुविधा पर वार्षिक सीमा लागू होगी।

  • ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए ऋण सहायता हेतु अपवर्जन सूची

निम्नलिखित श्रेणियां इस योजना के तहत सहायता के लिए पात्र नहीं होंगी:

  • आईटीसी(एसएच) , 2022 की अनुसूची-II (निर्यात नीति) के तहत निर्यात हेतु प्रतिबंधित वस्तुएं एवं सेवाएँ।
  • ऐसे देशों से जुड़े लेनदेन जो प्रतिबंधों के अधीन हैं जैसे कि एफएटीएफ ब्लैकलिस्ट एवं संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के तहत आने वाले देश , जिन्हें विदेश व्यापार नीति 2023 के पैरा 2.16 से पैरा 2.20 के संदर्भ में देखा जाए।
  • मेज़बान देश के कानूनों , नियमों या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों एवं समझौतों के तहत किसी भी ऐसे उत्पाद या गतिविधि का उत्पादन या व्यापार जिसे गैर-कानूनी माना गया हो।

सीआईटीईएस के तहत विनियमित वन्यजीवों या वन्यजीव उत्पादों का व्यापार , रेडियोएक्टीव सामग्रियों का उत्पादन या व्यापार, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से समाप्त या प्रतिबंधित किए जा रहे कीटनाशकों/शाकनाशियों का उत्पादन या व्यापार, ओजोन क्षयकारी पदार्थों का उत्पादन या व्यापार, लकड़ी या अन्य वानिकी उत्पादों का व्यापार/उत्पादन, हथियारों और गोला-बारूद का उत्पादन या व्यापार, या अन्य प्रतिबंधित निर्यात श्रेणियां केवल निर्यात नीति, आईटीसी(एसएच) 2022 और अन्य संबंधित अधिनियमों एवं नियमों के तहत परिभाषित आवश्यक शर्तों के अधीन ही अनुमत होंगी।

(अंतिम अद्यतन तिथि :Oct 01, 2026 at 07:03:54 am)