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एमएसएमई एलएपी – उत्पाद की विशेषताएं और दिशानिर्देश

एमएसएमई एलएपी

एमएसएमई एलएपी

क्र.सं.

विवरण

दिशानिर्देश

1.

लक्ष्य समूह

भारत सरकार की वर्तमान परिभाषा के तहत उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र धारक सभी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम(एमएसएमई)।

2.

पात्रता

उधारकर्ता का गठन व्यक्तिगत, एकल स्वामित्व फर्म, साझेदारी फर्म, सीमित देयता साझेदारी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां, लिमिटेड कंपनियां, सोसाइटी, ट्रस्ट आदि के रूप में हो सकता है। एचयूएफ को अनुमति नहीं है।

प्रतिभूति के रूप में दी जाने वाली अचल संपत्ति के स्वामी/स्वामियों की प्रवेश आयु /निकास आयु:

  • न्यूनतम प्रवेश आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम निकास आयु: 70 वर्ष

वास्तविक अनुमानों के आधार पर नई इकाईयों पर विचार किया जा सकता है।

3.

उद्देश्य

कोई भी प्रामाणिक व्यावसायिक उद्देश्य जैसे-

• व्यावसायिक विस्तार, सुधार /वृद्धि ।

• मशीनरी / स्थिर / चल / अचल आस्तियों का क्रय।

• व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए संपत्ति का क्रय /अधिग्रहण/निर्माण /नवीनीकरण /निर्मित/निर्माणाधीन।

4.

सुविधा

4.1. मीयादी ऋण

4.2 ओवरड्राफ्ट: ड्रॉपलाइन ओवरड्राफ्ट सुविधा

5.

ऋण राशि

न्यूनतम ऋण राशि: ₹10.00 लाख से अधिक
अधिकतम ऋण राशि: ₹25.00 करोड़

6.

मार्जिन

प्रतिभूति मूल्य का 40%। सक्षम प्राधिकारी द्वारा मार्जिन की आवश्यकता में 10% तक की छूट दी जा सकती है।

6.

एलटीवी

संपूर्ण चुकौती के दौरान 60% का एलटीवी सुनिश्चित किया जाएगा। मार्जिन के मामलों में छूट दिए जाने की स्थिति में, 70% का एलटीवी सुनिश्चित किया जाना है।

7.

आकलन

निर्धारित मार्जिन घटाने और डीएससीआर तथा अन्य प्रयोज्य बेंचमार्क अनुपातों के अनुपालन के पश्चात ईएम संपत्ति के प्रतिभूति मूल्य (आरएसवी) के आधार पर आकलन

8.

प्रतिभूति

9.1. प्राथमिक प्रतिभूति : बंधक के लिए प्रस्तावित अचल संपत्ति

9.2. संपार्श्विक प्रतिभूति : चूंकि यह सुविधा पहले से ही अचल संपत्ति द्वारा सुरक्षित है, इसलिए संबंधित स्वीकृति प्राधिकारी मामले-दर-मामले के आधार पर अतिरिक्त संपार्श्विक प्रतिभूति की आवश्यकता पर निर्णय ले सकते हैं।

9.3. भवन का अवशिष्ट जीवन प्रस्तावित चुकौती अवधि से कम से कम 5 वर्ष अधिक होना चाहिए।

9.4. सीजीटीएमएसई : लागू नहीं

9.5. व्यक्तिगत गारंटी:

   • संपत्ति के स्वामी/स्वामियों की व्यक्तिगत गारंटी जिनकी प्रतिभूति पर विचार

     किया गया है।

    • समूह संस्था/संस्थाओं की कॉर्पोरेट गारंटी जिसने प्रतिभूति की पेशकश

     की है।

     • वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार साझेदारों/निदेशकों की व्यक्तिगत

       गारंटी।

9.6. प्रतिभूति के रूप में दी जाने वाली अचल संपत्ति सरफेसी अधिनियम के अनुरूप होनी चाहिए।

9.7. प्रतिभूति के रूप में प्रस्तावित अचल संपत्ति टियर 1 से टियर 4 केंद्रों में स्थित होनी चाहिए। टियर 5 और टियर 6 (अर्थात 10,000 से कम जनसंख्या वाले केंद्र) में स्थित संपत्ति को इस उत्पाद के तहत ऋण पर विचार करने के लिए प्रतिभूति के रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। केंद्रों की पहचान उपलब्ध नवीनतम जनगणना के अनुसार की जानी है। वर्तमान में उपयोग में आने वाली नवीनतम जनगणना 2011 की जनगणना है।

9.8. राज्य सरकार के विकास प्राधिकरणों जैसे एमएमडीए, डीडीए, सीएमडीए, एचयूडीए, आरआईआईसीओ, एचएसआईआईडीसी आदि द्वारा आवंटित पट्टाधृत आवासीय/वाणिज्यिक/औद्योगिक संपत्तियां, जिनमें अवशिष्ट पट्टा अवधि प्रस्तावित चुकौती अवधि (शुरुआत से अंत तक) के साथ 5 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए, पट्टा राशि का अग्रिम रूप से पूर्ण भुगतान किया गया हो और पट्टादाता से बंधक अधिकार / अनुमति प्राप्त हो, तो संबंधित स्वीकृति प्राधिकारी द्वारा स्वीकृति के लिए विचार किया जा सकता है।

9.9. प्रतिभूति के रूप में प्रस्तावित संपत्ति को निम्नलिखित द्वारा रखा जा सकता है:

• एमएसएमई उद्यम (आवेदक) या

• स्वामी/स्वामिनी, उनके पति/पत्नी, वयस्क बच्चे और माता-पिता या

• साझेदार या निदेशक /शेयरधारक (प्रमुख शेयरधारक अर्थात 5% से अधिक) या

• समूह संस्था/संस्थाएं

9.10. कृषि संपत्तियों, विवादित संपत्तियों, कर अधिकारियों द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों, ट्रस्टों /एचयूएफ/ सोसायटियों की संपत्तियों पर प्रतिभूति के रूप में विचार नहीं किया जाना है।

9.11. इस ऋण के लिए प्रतिभूति के रूप में रखी गई संपत्ति को हमारे बैंक द्वारा आवेदक संस्था या समूह खातों को स्वीकृत अन्य सुविधा/सुविधाओं के लिए बढ़ाया जा सकता है (हालांकि इस लिमिट के लिए पर्याप्त मार्जिन सुनिश्चित करने के बाद केवल अवशिष्ट मूल्य पर)।

9.12. प्रतिभूति पर विशेष रूप से हमारे बैंक का प्रभार होना चाहिए अर्थात सममात्रा आधार पर प्रभार को प्रतिभूति के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

9.13. यदि खाली भूमि पर प्रतिभूति के रूप में विचार किया जाना है, और योजना के मानदंडों में कोई विचलन नहीं है, तो सक्षम प्राधिकारी से प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त की जानी चाहिए।

9.

चुकौती शर्तें

मीयादी ऋण:

• द्वार-दर-द्वार : अधिकतम 120 महीने
• अवकाश अवधि : संवितरण की तिथि से अधिकतम 6 महीने।
• चुकौती अवधि : 114 महीने।
• सक्षम प्राधिकारी मामले-दर-मामले के आधार पर इसे 180 महीने तक बढ़ा सकते हैं।
ओवरड्राफ्ट: ड्रॉपलाइन ओवरड्राफ्ट सुविधा
• अवधि के अंत में ऋण के समापन के लिए ऋण की अवधि के दौरान समान कटौती की जाएगी।
• आहरण शक्ति को मासिक रूप से कम किया जाएगा, ताकि, ऋण की अवधि के अंत में ओवरड्राफ्ट का समापन हो सके।
चुकौती की पद्धति:
• मूलधन समान मासिक किस्तों में।
• समान मासिक किस्तें (ईएमआई)।
• मूलधन का तयशुदा चुकौती। अवकाश अवधि के दौरान ब्याज का भुगतान किया जाना चाहिए।

10.

ब्याज दर

मीयादी ऋण :

• ₹100.00 लाख और उससे अधिक एक्सपोजर हेतु

आंतरिक रेटिंग के आधार पर 8.15% से 8.75% तक की ब्याज दर
•
₹100.00 लाख से कम एक्सपोजर हेतु – 8.75%
ओवरड्राफ्ट: ड्रॉपलाइन ओवरड्राफ्ट सुविधा
•
मीयादी ऋण की ब्याज दर के अलावा 1% का अतिरिक्त ब्याज दर लागू होगा।

11.

अधिग्रहण

अनुमत  

 

प्रसंस्करण एवं अन्य प्रभार

प्रसंस्करण एवं अन्य प्रभार हेतु इंडियन बैंक की वेबसाइट (https://www.indianbank.bank.in) के मेनू > दर में सेवा प्रभार देखें।

 

पूर्व-भुगतान प्रभार

व्यक्तिगत और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (सह-आबद्धकर्ता के साथ/बिना):

व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए स्वीकृत/नवीनीकृत अस्थिर दर ऋणों पर, फंड का स्रोत (अधिग्रहण मामलों सहित) कुछ भी हो, चाहे आंशिक या पूर्ण हो, कोई पूर्व-भुगतान शुल्क नहीं लगेगा और कोई लॉक-इन अवधि नहीं होगी।

मध्यम उद्यम:

2% की दर से पूर्व-भुगतान शुल्क + टैक्स लागू

• मीयादी ऋण हेतु पूर्व-भुगतान की गई राशि पर।

• नकद ऋण/ओवरड्राफ्ट सुविधाओं के लिए स्वीकृत सीमा से अनधिक राशि पर।

 

अन्य

• सभी प्रतिभूतियों का बैंक क्लॉज के साथ पर्याप्त रूप से बीमा किया जाना चाहिए - प्रीमियम का भुगतान उधारकर्ता द्वारा किया जाएगा।
• क्रेडिट नीति के वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार संवितरण-पूर्व लेखापरीक्षा / कानूनी लेखापरीक्षा की जानी चाहिए।
• ऋण के अंतिम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए उधारकर्ता से यह घोषणा प्राप्त की जानी चाहिए कि ऋण राशि का उपयोग उसी उद्देश्य/उद्देश्यों के लिए किया गया है जिसके लिए इसे स्वीकृत किया गया है।
• मौजूदा प्रतिभूतियों के मामले में, जहां अवशिष्ट मूल्य पर विचार किया जाना है, मूल्यांकन रिपोर्ट नया मूल्यांकन नहीं होना चाहिए और न ही यह 3 वर्ष से अधिक पुरानी होनी चाहिए।
• बैंक अधिकारियों को संस्वीकृति से पूर्व संपत्ति का दौरा करना चाहिए और संपत्ति की सुगमता, विपणन क्षमता और मूल्य के बारे में स्वयं संतुष्ट होना चाहिए। बैंक अधिकारियों द्वारा संपत्ति के मूल्य की गोपनीय रूप से जांच की जानी चाहिए और पैनल मूल्यांकनकर्ता द्वारा रिपोर्ट किए गए मूल्यांकन की तर्कसंगतता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस संबंध में एक रिपोर्ट मूल्यांकन का हिस्सा होनी चाहिए।

 

(अंतिम अद्यतन तिथि :Sep 22, 2026 at 01:59:28 pm)