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इंड एमएसई स्पाइस योजना

इंड एमएसई स्पाइस योजना

                          

क्रमांक मानदंड मानदंड उत्पाद की विशेषताएँ
1. लक्षित समूह यूआरसी धारक सूक्ष्म एवं लघु उद्यम।
2. योजना का प्रयोजन 

 

·       रिड्यूस (संसाधन प्रवाह को कम करना): इसका तात्पर्य उत्पाद की गुणवत्ता से समझौता किए बिना प्रति उत्पाद कम संसाधनों की खपत से है।

·       रीयूज : संसाधन लूप को कम करने का उद्देश्य उत्पादों की उपयोग अवधि को बढ़ाना है।

·       रीसायकल : संसाधन लूप को बंद करने का मतलब है उपयोग के बाद के चरण को उत्पादन चरण से जोड़कर संसाधनों का उपयोग चक्रीय रुप में करना। इसका तात्पर्य अपशिष्ट पदार्थों को मूल रुप में या अन्य उद्देश्यों के लिए “उत्पादों, सामग्रियों या पदार्थों में पुनः संसाधित करना है।

3. Eligibility ü All MSEs registered under Udyam Registration will be eligible under the scheme.

ü उद्यम पंजीकरण के अंतर्गत पंजीकृत सभी एमएसई इस योजना के लिए पात्र होंगे।

ü इस योजना के अंतर्गत केवल ब्राउनफील्ड इकाइयां पात्र हैं।

ü योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार इकाई का निवेश 11 चिन्हित सी.ई. क्षेत्रों में होना चाहिए।

ü एमएसई इकाइयों को उद्योगों के लिए निर्धारित विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) और अपशिष्ट पुनर्चक्रण लक्ष्यों का अनुपालन करना होगा।

ü एमएसई किसी एक सब्सिडी अर्थात एमएसई-गिफ्ट या एमएसई-स्पाइस के लिए पात्र होंगे।

ü सीएमआर 1 से 4 या के समतुल्य सीआईसी स्कोर।

ü सीएमआर-एनए के मामले में, प्रमोटरों का सीआईसी स्कोर 750 और उससे अधिक होना चाहिए।

4. पात्र क्षेत्र अपशिष्ट पुनर्चक्रण संयंत्र / चक्रिय अर्थव्यवस्था परियोजनाएं (सीई) के तहत पात्र क्षेत्र निम्नवत हैं:

  1. प्लास्टिक,
  2. रबड़,
  3. इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट,
  4. नगरपालिका ठोस अपशिष्ट और तरल अपशिष्ट,
  5. संपीड़ित बायोगैस,
  6. लिथियम आयन बैटरी,
  7. समय-समाप्त वाहन,
  8. स्क्रैप धातु – लौह और अलौह,
  9. सौर पैनल,
  10. खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट, प्रयुक्त तेल अपशिष्ट।
  11. जिप्सम, विषाक्त,
5. पात्र परियोजनाएं ü एमएसई में विस्तारित परियोजना: एमएसई में सीई सिद्धांतों को बढ़ावा देने/सुविधा प्रदान करने के लिए मौजूदा सीई परियोजनाओं को अपग्रेड/विस्तारित करना।

ü विस्तारित परियोजनाओं के लिए इस योजना के अंतर्गत अधिकतम संयंत्र एवं मशीनरी लागत की सब्सिडी रु. 50 लाख है, तथापि, रु. 50.00 लाख से अधिक के संयंत्र एवं मशीनरी लागत वाली परियोजनाओं के लिए सब्सिडी की अधिकतम रु. 12.50 लाख तक सीमित है।

6. ऋण-सहबद्ध पूंजी सब्सिडी ü  संयंत्र एवं मशीनरी की लागत का 25% तक (केवल विस्तारित परियोजनाएं)

ü  रु. 50 लाख तक की लागत वाले संयंत्र एवं मशीनरी के लिए अधिकतम सब्सिडी राशि रु. 12.5 लाख है।

ü  50 लाख से अधिक की परियोजनाओं के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा रु. 12.50 लाख तक सीमित है।

ü  चक्रिय अर्थव्यवस्था (सीई) सिद्धांतों के अनुरूप निर्मित परियोजनाएं सब्सिडी के लिए पात्र हैं।

ü  प्रौद्योगिकी और प्रक्रिया उन्नयन हेतु नए संयंत्र और मशीनरी प्राप्त करने के लिए बैंकों द्वारा संस्वीकृत और संवितरित मीयादी ऋण, इस योजना के तहत सब्सिडी के लिए पात्र होंगे, जो सिडबी द्वारा समय-समय पर अधिसूचित मौजूदा योजना दिशानिर्देशों के अनुपालन के अध्यधीन होगा।

7. सुविधा की प्रकृति सुविधा की प्रकृति फंड आधारित: मीयादी ऋण
8. ऋण राशि न्यूनतम: रु. 5.00 लाख

अधिकतम: रु. 1.00 करोड़

9. मार्जिन (प्रमोटर का योगदान) मीयादी ऋण / मशीनरी : 25%
10. निर्धारण
सुविधाएँ सुविधाएँ निर्धारण का प्रकार
मीयादी ऋ कुल लागत मार्जिन को घटाकर
डी.एस.सी.आर. के अनुपालन के अध्यधीन। वास्तविक अनुमानों पर विचार किया जाए।
11. प्राथमिक प्रतिभूति: मशीनरी – मीयादी ऋण की आय से अर्जित आस्तियों को दृष्टिबंधित करना।

 संपार्श्विक प्रतिभूति:

ü  कोई संपार्श्विक नहीं, यदि सीजीटीएमएसई के अंतर्गत कवर है। गारंटी शुल्क उधारकर्ता द्वारा वहन किया जाएगा।

ü  सीजीटीएमएसई के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार हाइब्रिड मॉडल के तहत कवरेज की भी अनुमति है।

ü  यदि उधारकर्ता सीजीटीएमएसई के अंतर्गत कवर लेने के लिए इच्छुक नहीं है, तो बैंक एक्सपोजर का न्यूनतम 50% कवरेज अचल संपत्तियों/तरल प्रतिभूतियों के विक्रय मूल्य द्वारा कवर किया जाना जाए।

व्यक्तिगत गारंटी: मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार भागीदारों/निदेशकों की व्यक्तिगत गारंटी।

12. ब्याज दर ब्याज दर रेपो आधारित मूल्य निर्धारण
13. चुकौती अवधि

Period

मीयादी ऋण की चुकौती फर्म / कंपनी के नकदी प्रवाह पर तय की जाएगी और यह ऋण नीति के अनुसार डीएससीआर और अन्य बेंचमार्क मानदंडों के अनुपालन के अध्यधीन होगी।

  • न्यूनतम चुकौती अवधि: अधिस्थगन अवधि सहित 36 माह ( योजना के अनुसार)
  • अधिकतम चुकौती : 60 महिना तक
14. प्रलेखीकरण मीयादी ऋण: डी7, डी 32/ डी 33/ डी 34, डी36, डी57, डी101, एफ172, एफ189

अन्य संघटन आधारित दस्तावेज।

15. संस्वीकृति प्राधिकारी बैंक के ऋण दिशानिर्देशों के अनुसार।
16. प्रारंभिक शुल्क / प्रसंस्करण
प्रभार
  • ्करण प्रभार / प्रारंभिक शुल्क – कार्ड दर का 50%।
  • प्रलेखीकरण शुल्क – 50% कार्ड दर
  • सेवा प्रभार परिपत्र के अनुसार अन्य प्रभार।
17. सेवा प्रभार परिपत्र के अनुसार अन्य प्रभार।
प्रसंविदा बेंचमार्क
टीओएल/टीएनडब्ल्यू (डब्ल्यूसी और टीएल) 5:1
कर्ज इक्विटी अनुपात (टीएल) 4:1
डीएससीआर (टीएल) औसत 1.50 / न्यूनतम 1.25 औसत 1.50 / न्यूनतम 1.25
अचल आस्ति कवरेज अनुपात (टीएल) 1.20

बेंचमार्क अनुपातों में किसी भी विचलन को प्रत्यायोजित शक्तियों के अनुसार निपटाया जाएगा।

18. प्रविष्टि स्तर बैरियर
रु. 1 करोड़ और उससे अधिक का एक्सपोजर संयुक्त आंतरिक रेटिंग आईबी बीबीबी (आईसीओएन रेटिंग पर आधारित)
रु. 1 करोड़ तक का एक्सपोजर आंतरिक रेटिंग बीबीबी (स्कोरिंग मॉडल पर आधारित)
19. योजना की कार्यान्वयन अवधि यह योजना 2023-2024 से 2026-2027 तक परिचालित रहेगी।
20. योजना के तहत पंजीकरण के लिए अपेक्षित दस्तावेज एमएसई-स्पाइस पर पंजीकरण के दौरान उधारकर्ता, बैंक को निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे:

· फैक्ट्री का पता

· फैक्ट्री स्थल (पिछड़ा या गैर-पिछड़ा क्षेत्र)

· निगमन/उत्पादन प्रारंभ की तिथि

· उत्पाद/उपक्षेत्र

· संस्थापित क्षमता।

· लेखापरीक्षित तुलन पत्र के आधार पर पिछले तीन वर्षों का प्रदर्शन

· बैंक द्वारा अनुमोदित योजना की कुल लागत

· बैंक द्वारा अनुमोदित कुल वित्तपोषण स्रोत

· परियोजना पूर्ण होने की समय-सीमा

· परियोजना के कार्यान्वयन से वृद्धिशील लाभ

· पात्र संयंत्र और मशीनरी की सूची, उनके विस्तृत विनिर्देशों, दर, मात्रा और कुल मूल्य के साथ, जिनके लिए एमएसई-स्पाइस के तहत सब्सिडी का दावा किया गया है।

21. अन्य शर्तें 1. आपूर्तिकर्ताओं की समुचित सावधानी सुनिश्चित की जानी है।

2. धन राशि व्यापारियों/आपूर्तिकर्ताओं को डीडी/एनईएफटी/आरटीजीएस के माध्यम से सीधे विप्रेषित की जानी चाहिए।

3. इकाइयों को वैधानिक/नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त करना चाहिए।

4. सभी प्रतिभूतियों का बैंक शर्त के तहत पर्याप्त रूप से बीमित होना चाहिए – प्रीमियम उधारकर्ता द्वारा वहन किया जाना चाहिए।

5. प्रमोटरों का योगदान आनुपातिक रूप से सामने लाया जाना चाहिए।

6 ऋण नीति के मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार प्री-रिलीज़ लेखापरीक्षा/विधिक लेखापरीक्षा किया जाना है।

7. प्रभारों को मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार आरओसी/अन्य प्राधिकरणों के पास पंजीकृत किया जाना होगा।

8. केवाईसी/एएमएल एवं अन्य दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

9. ऋण नीति दिशानिर्देशों का अनुपालन किया जाना चाहिए। समय-समय पर ऋण नीति में कोई भी संशोधन योजना का अभिन्न अंग होगा।

10. योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी के दावे के लिए मानक संचालन प्रक्रिया का विवरण अनुबंध-II में दिया गया है।

11. चक्रिय अर्थव्यवस्था ( एमएसई स्पाइस) में संवर्धन और निवेश योजना के अंतर्गत सहायता के लिए आवेदन प्रपत्र अनुलग्नक-III में संलग्न है।

12. यदि उत्पाद की किसी विशेषता में छूट की आवश्यकता हो तो उसे चुकौती अवधि में छूट सहित अनुमोदन के लिए सीओएलसीसी (जीएम) के समक्ष रखा जाएगा।

 

( अंतिम संशोधन Apr 17, 2026 at 02:04:20 PM )

ADYA
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